Gita Press, Gorakhpur

20.00

 

Information
Book code0611
PagesNo
Authorजयदयाल गोयन्दका
Languageहिन्दी, Hindi

मनुष्य को देश, काल, पात्र की प्रतीक्षा किये बिना तत्काल इसी जन्म में परमात्मा की प्राप्ति-हेतु संलग्न हो जाना चाहिये। इस भावना को जीवन्त करनेवाले सेठजी श्री जयदयालजी गोयन्दका के चुने हुए लेखों का अद्भुत संग्रह।

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