Gita Press, Gorakhpur

15.00

 

Information
Book code 0611
Pages No
Author जयदयाल गोयन्दका
Language हिन्दी, Hindi

मनुष्य को देश, काल, पात्र की प्रतीक्षा किये बिना तत्काल इसी जन्म में परमात्मा की प्राप्ति-हेतु संलग्न हो जाना चाहिये। इस भावना को जीवन्त करनेवाले सेठजी श्री जयदयालजी गोयन्दका के चुने हुए लेखों का अद्भुत संग्रह।

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