Gita Press, Gorakhpur

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Book code0087
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LanguageHindi

महात्माश्रीअञ्जनीनन्दनशरणजीकेद्वारासम्पादित ‘मानस-पीयूष’ श्रीरामचरितमानसकीसबसेबृहत्टीकाहै।यहमहान्ग्रन्थख्यातिलब्धरामायणियों, उत्कृष्ट विचारकों, तपोनिष्ठमहात्माओंएवंआधुनिकमानसविज्ञोंकीव्याख्याओंकाएकसाथअनुपमसंग्रहहै।आजतककेसमस्तटीकाकारोंकेइतनेविशदतथासुसंगतभावोंकाऐसासंग्रहअत्यन्तदुर्लभहै।भक्तोंकेलियेतोयहएकमात्रविश्रामस्थानतथासंसार-सागरसेपारहोनेकेलियेसुन्दरसेतुहै।विभिन्नदृष्टियोंसेयहग्रन्थविश्वकेसमस्तजिज्ञासुओं, भक्तों, विद्वानोंतथासर्वसामान्यकेलियेअसीमज्ञानकाभण्डारएवंसंग्रहऔरस्वाध्यायकाविषयहै।ऑफसेटकीसुन्दरछपाई, मजबूतजिल्दतथाआकर्षकलेमिनेटेडआवरणमेंउपलब्ध।

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Dimensions18.62 × 27.1 cm

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